Friday, November 19, 2021
नफ़रत की तीरगी को मिटाने का वक़्त है।
Monday, October 4, 2021
हैं जिनके पेट भरे वो ही ज्ञान देते हैं
Friday, June 11, 2021
वहशत का दौर ऐसा भी लाया गया था दोस्त
Saturday, June 5, 2021
हम चरागों के हक़ में तागी से
लौट आये हैं हम बलंदी से
Thursday, June 3, 2021
दिल की फिजा को संवारा है इश्क ने हमको पुकारा है
Sunday, May 30, 2021
हर इक नक्श उसका मिटाने से पहले
मुसीबत से जो डर जाये वो रहबर हो नहीं सकता
Sunday, April 18, 2021
कोई रदीफ नहीं है न काफिया है भला
Friday, April 16, 2021
हवा की उंगली पकड़ के चलना
Thursday, April 15, 2021
इक नई आस दे इक नई दे सहर
जाने किस शय को पाने के इम्कान में।
Wednesday, April 14, 2021
सता रही है जिन्दगी
गीत
सता रही है जिन्दगी
रूला रही है आशिकी
मेरे लिये जमीन पर
कदम कदम है तिश्नगी
जला रही है धूप भी बदन हमारे ख्वाब का
मिटा के रख न दे कही चमन हमारे ख्वाब का
बहार फूल तितलिया हवा नदि घटा पहाङ
सदाये दे रहा है अब वतन हमारे ख्वाब का
सता रही है जिन्दगी
रूला रही है आशिकी
मेरे लिये जमीन पर
कदम कदम है तिश्नगी
न चैन ना करार है मगर ये प्यार प्यार है
कभी जो खत्म हो ही ना वो दिल मे इन्तजार है
मगर वो दूर हो के भी लगे की आस पास है।
ये मेरे जिद की जीत है या उसके जिद की हार है
सता रही है जिन्दगी
रूला रही है आशिकी
मेरे लिये जमीन पर
कदम कदम है तिश्नगी
बस एक बार देख ले बुला या नाम ले मेरा
कोई तो मेरा साथ दे कोई तो हो मेरा खुदा
बदन की हद को छोङ के हर एक रस्म तोङ के।
कोई तो इस हिसाब से मेरे लिये भी हो बना
सता रही है जिन्दगी
रूला रही है आशिकी
मेरे लिये जमीन पर
कदम कदम है तिश्नगी
राजीव कुमार
Wednesday, April 7, 2021
दिल से निकले तो हर इक बात जबां तक पहुंचे
Tuesday, April 6, 2021
जमीं को चूमता अम्बर नहीं मिलेगा तुम्हें
Sunday, April 4, 2021
माना की गुज़री बात का चर्चा खराब है।
Thursday, April 1, 2021
निकली है दिल से जान मगर तुमको इससे क्या
निकली है दिल से जान मगर तुमको इससे क्या
टूटा है ये मकान मगर तुमको इससे क्या
आंखें चुका रहीं हैं गमे हिज्र का हिसाब
हो कर लहू लुहान मगर तुमको इससे क्या
मायूस जब हुआ तो कहा दिल से अक्ल ने
होता है मेरी जान मगर तुमको इससे क्या
आंखो में कितने डूब गये ख्वाब आज तक
फिर भी हूं शादमान मगर तुमको इससे क्या
अपने लिये तो बोलते तो हो चीखते भी हो
हम तो हैं बे-जबान मगर तुमको इससे क्या
दुनियां की दौलतें हों इकट्ठा तुम्हारे घर
चाहे लुटे जहान मगर तुमको इससे क्या
अपनी अना में चूर रहो और यू रहो
गिर जाये आसमान मगर तुमको इससे क्या
हर रोज लड़ के मर रहे हैं अपने देश में
हिन्दू से मुसलमान मगर तुमको इससे क्या
थाली में रोटी दाल हमारी परोस कर
भूखा है वो किसान मगर तुमको इससे क्या
राजीव कुमार
Tuesday, March 30, 2021
जिनगी मे प्यार बाटे तबले बहार बाटे
भोजपुरी गीत
जिनगी मे प्यार बाटे तबले बहार बाटेजिनगी मे प्यार नइखे त कुछ भी यार नइखे
जब जब खुले इ अंखिया
तब सामने तू र ह
जब होखे यार रतिया।
सपना मे तू ही आ व
यानी कि तहसे मिल के
तहरे ही बात करीं
दिन रात तू भी हमसे
हम तोहसे प्यार करीं
जिनगी मे प्यार बाटे तबले बहार बाटे
जिनगी मे प्यार नइखे त कुछ भी यार नइखे
सुबह से शाम तोहरे
चाहत के नाम तोहरे
अपने ही मन के ह पर
ह दिल गुलाम तहरे
जीवन भी नाम तहरे
राधे ओ श्याम तोहरे
मन्दिर मे हमरे घर के
सीता ओ राम तोहरे
जिनगी मे प्यार बाटे तबले बहार बाटे
जिनगी मे प्यार नइखे त कुछ भी यार नइखे
बगीया के फूल जइसे
चंदा के रूप जइसे
तू जिन्दगी मे र ह
सुबह के धूप जइसे
तू साथ हमरे र ह
त हमरे जीत हटे
दिल से क ह तनी हम
दिल के इ गीत हटे
जिनगी मे प्यार बाटे तबले बहार बाटे
जिनगी मे प्यार नइखे त कुछ भी यार नइखे
राजीव कुमार
Thursday, March 25, 2021
हमें पता है कि दूर हो तुम करीब आओ
हमें पता है कि दूर हो तुम करीब आओ
हमारी वहसत का हल निकालो हमें बचाओ
लिपट के पेङों से ये परिंदे भी कह रहे है।
हमारी दुनिया से हम परिंदों को मत मिटाओ
जमीं पे आकर अगर रहेंगी ये मछलियाँ तो
तुम ही कहोगे कि सागरों से जमीं बचाओ
मै हसते हसते जो रो रहा हूं तो ये भी तय है
वो एक लङकी जो अब नहीं है हमारे खातिर
हम अब भी उसके लिये बचे हैं उसे बताओ
जरूर धरती का आसमां पर है कर्ज कोई
मेरी सुनो तो इसे भी इक दिन जमीं पे लाओ
मै आंसुओं का हिसाब माँगूं तो किससे माँगू
उसी ने मुझको भुला दिया है कि जिससे अक्सर
मैं बोलता था कि सारी दुनिया को भूल जाओ
राजीव कुमार
दुनिया की तो याद है दिल की भूल गये
गज़ल
दुनिया की तो याद है दिल की भूल गये
इश्क़ के मारे अपनी बस्ती भूल गये
उसकी ज़िद थी हमको भूलने की लेकिन
हम तो अपनी सारी ज़िद ही भूल गये
जाने कैसे सोती होगी वो लड़की
हम तो जैसे नींद ही अपनी भूल गये
याद करें तो कैसे उसको याद करें
पर्स में रख के फोटो उसकी भूल गये
इक बेचैनी साथ हमारे रहती है
जब से उसके लब की सूर्खी भूल गये
सुबह का भूला शाम को घर आ जाता है
यानी दिल में यार हैं लड़की भूल गये
सबकुछ हमने गाँव से ही पाया लेकिन
शह्र गये तो गाँव की मिट्टी भूल गये
उसको भूलने के चक्कर में देखो ना
उसकी बातें याद हैं अपनी भूल गये
राजीव कुमार
Saturday, March 13, 2021
लोग हसी ए डर से कौनो टाल मटोली ठीक ना ह
भोजपुरी ग़ज़ल
लोग हसी ए डर से कौनो टाल मटोली ठीक ना ह
अपनो दिल के बात बताव एतना चुप्पी ठीक ना ह
प्यार करेलू लेकिन हमके प्यार करे से रोकेलू
दिल से हमरे सू न एतना धक्का मुक्की ठीक ना ह
हुस्न प तहरे दूसर शाइर गजल लिखे ना होखे देम
दूध के रखवाली कsरे में कौनो बिल्ली ठीक ना ह
नयन कटारी हुस्न तबाही अदा त जइसे एटम बम
उनके आगे भाला बरछी चाकू छूरी ठीक ना ह
जान भी ए मे चल जाई और पता भी तहके ना चली
हसी ठीठोली प्यार के लेके हरोघरी ठीक ना ह
ऊ का जाने देश के हमरे बात के माटी माई के
इहंवा जे ई बात कही की चोखा लिट्टी ठीक ना ह
पइसा रुपया गाङी घोङा देख के जे परपोज करे।
जीवनसाथी खातिर अइसन लइका लइकी ठीक ना ह
राजीव कुमार
Friday, March 12, 2021
प्यार होखल गुनाह ना होला
ए से केहू तबाह ना होला
फिर भी सच्चाई और महब्बत के
एतना आसान राह ना होला
माई बाबू के बात से निम्मन
अउर कौनो सलाह ना होला
अब त ला गsता खेती बाड़ी से
ज्यादा बङहन गुनाह ना होला
जे के दिल से गिरा दे जनता ऊ
कुछ भी होखेला शाह ना होला
प्रेम से बढ़ के लोक शाही में
कौनो ताकत अथाह ना होला
दिल से निकले न जबले तब तक ले
वाह-वाह वाह-वाह ना होला
राजीव कुमार
Thursday, March 11, 2021
इक अरसे से मेरी खुद से जंग अभी तक जारी है।
Sunday, March 7, 2021
जेकरा में ईमान बहुत बा
जेकरा में ईमान बहुत बा
अब उ परेशान बहुत बा
जियले मुश्किल बाटेे इहंंवा
मरल त आसान बहुत बा
सच्चाई पर अब के चली
इ रस्ता सुनसान बहुत बा
परजा भूखे बीया फिर भी
राजा जी के शान बहुत बा
हर मुद्दा पर हावी इहंवा
हिन्दू मूसलमान बहुत बा
भूख गरीबी बेकारी से
इ हाकिम अन्जान बहुत बा
सबके रोटी देवे वाला
करजा में कीसान बहुत बा
पहिले भी मुश्किल रहे पर
सांसत में अब जान बहुत बा
चुप बानी जा पर हमनी के।
जियरा में तूफान बहुत बा
राजीव 🙏♥️
Saturday, March 6, 2021
दिन खुशनुमा हसीन हर इक रात हो गइल
दिन खुशनुमा हसीन हर इक रात हो गइल
जब उन से बात चीत के शुरवात हो गइल।
बादल बगैर शहर में बरसात हो गइल
अइसन भी एक रोज करामात हो गइल
सीना में हमरे होके भी धङकत बा उनके ला
अइसन ए दिल के हाय रे औकात हो गइल
मिल के ऊ हम से खुश रहे पर लौटते समय
फिर से लङाई हमनी में बे बात हो गइल
ओ कर शहर शहर ही रहल पर हमार गांव।
ओ बे वफा के इश्क में देहात हो गइल
राजीव कुमार
Thursday, March 4, 2021
होली जीवन में चाहत के फन ह
Saturday, February 27, 2021
भोजपुरी गीत प्यार करके निभाये के पङी
प्यार करके निभाये के पङी
खुद के अइसन बनाये के पङी
केतनो मुश्किल रही राह लेकिन
चल के मीले के आये के पङी
M
सांस ह चाह ह जिन्दगी ह
प्यार हमनी के खातिर खुशी ह
F
याद रखिह जमाना के खातिर
आशिकी जुर्म ह दुश्मनी ह
M+F
जख्म हस हस के खाये के पङी
प्यार करके निभाये के पङी
F
जेतना होला सवेरे उजाला
ओतने जीवन में तोहरा से बाटे
M
रात रानी के खुशबू के जइसे
खुशबू जीवन में तोहरा से बाटे
F+M
जिन्दगी के सजाये के पङी
प्यार करके निभाये के पङी
F
जान रहे न रहे बदन में
फिर भी रह ब तुही हमरे मन में
M
हमरे खातिर तू ही जान हऊ
हमरे जीवन के अभिमान हऊ
M+F
मर के भी लौट आये के पङी
प्यार करके निभाये के पङी
राजीव कुमार
Friday, February 26, 2021
हुस्न रंगत जुल्फ शोखी नाज ओ नखरा देखकर।
ग़ज़ल
हुस्न रंगत जुल्फ शोखी नाज ओ नखरा देखकर।
छू के देखूं दिल में रख लूं तुझको चाहा देखकर।
रौशनी अब रात भर छत पर ही रहती हे मिरे।
चांद रुक जाता है हर शब तेरा चेहरा देखकर।
सबनमी होती है उस दिन की सुबह ए जानेजा
जागता हुं नीद से जब ख्वाब तेरा देखकर
खूब रोती हैं लिपट कर हमसे अब तनहाईयां।
थक गयीं हैं ये बेचारी तेरा रस्ता देखकर।
राजीव कुमार
हजार मुश्किल हर एक गम के बस एगो हल ह तोहार चेहरा।
हजार मुश्किल हर एक गम के बस एगो हल ह तोहार चेहरा।
हमार जीवन में सबसे ज्यादा खुशी के पल ह तोहार चेहरा।
हसीन मौसम फिजा के रंगत हर एक तोहरे से मेल खाला।
ई सब नकल ह हमार मा न त बस असल ह तोहार चेहरा।
हवा के ठंडक नियर बुझाये कि जब भी सपना तोहार आये ।
ए गर्म मौसम में सच कही त हवा महल ह तोहार चेहरा।
कभी जे देखबू त जान जइबू न फूल कौनो न कौनो गुलसन।
हमार आखीं के पोखरी में हसीं कमल ह तोहार चेहरा।
नजर झुकावल , तोहार हसल इ सब अदा से कबो-कबो त।
इ शक उठे ला कि जइसे कवनो हसीन छल ह तोहार चेहरा।
बस इ दुआ बा कि हर जनम में इहे तू बोला ईहे कही हम
तहार बल ह हमार चेहरा हमार बल ह तोहार चेहरा
राजीव कुमार
हज़ार मुश्किल हर एक गम का बस एक हल है तुम्हारा चेहरा।
हिन्दी में
हज़ार मुश्किल हर एक गम का बस एक हल है तुम्हारा चेहरा।
हमारे जीवन में सबसे ज्यादा ख़ुशी का पल है तुम्हारा चेहरा।
हसीन मौसम बहार रंगत हर एक तुमसे ही मेल खाता।
ये सब नकल हैं हमारी मानो तो बस असल है तुम्हारा चेहरा।
हवा के जैसे लगे है शीतल कि जब भी आये तुम्हारा सपना।
ये गर्म मौसम में सच कहूँ तो हवा महल है तुम्हारा चेहरा।
कभी जो देखो तो गौर करना न फूल कोई न कोई गुलशन।
हमारी आँखों की झील में एक हसीं कमल है तुम्हारा चेहरा।
नज़र झुकाना तुम्हारा हँसना इन्हीं अदाओ से दिल में अक्सर
ये शक है उठता कि जैसे कोई हसीन छल है तुम्हारा चेहरा।
यही दुआ है कि हर जनम में ये तुम भी बोलो ये हम भी बोलें
तुम्हारा बल है हमारा चेहरा हमारा बल है तुम्हारा चेहरा।
राजीव कुमार
Monday, February 8, 2021
बात दिल में रोकात नईखे अब।
भोजपुरी ग़ज़ल
बात दिल में रोकात नईखे अब।
मुह से लेकिन बोलात नईखे अब।
झुठ धोखा फरेब बरियाई।
हमसे कौनो सहात नईखे अब।
रोज वाट्स अप पे मीम भेजेला।
चाहे लईका कमात नईखे अब।
बात पर बात रोज होखेला।
बात फिर भी ओरात नईखे अब।
तीनों टाईम ए देश में काहे।
केहू बढ़ीयां से खात नईखे अब।
भूख बेकारी सम्प्रदायिकता।
कुछ भी इहंवा से जात नईखे अब।
रेप हत्या डकैती पेपर में।
आखिर काहे लिखात नईखे अब।
अउर सम्मान मत दs हमरा के।
हमरे दिल में समात नईखे अब।
सांच बो लs तsरs त बोलs पर।
सांच कहिंयो सुनात नईखे अब।
राजीव कुमार
जेकरे भीतर गुमान हो जाला
भोजपुरी ग़ज़ल
घाव जेतना पुरान हो जाला
दर्द ओतने जवान हो जाला
जेकरे भीतर गुमान हो जाला
झूठ ओकर बयान हो जाला
पइसा पदवी ठसक अकड़ पावर
एक दिन सब जियान हो जाला
ए किसानन के नाम पर काहें
बंद सबके जबान हो जाला
न्याय मांगे में अउर पावे में
यार आफत मे जान हो जाला
कहियो आ व देखा दी खेते मे
कइसे कीचड़ में धान हो जाला
खाली बोली से कुछ न होला बस
सूने वाला हरान हो जाला
खाला ठोकर जे ओके ओतने ही
दुनियादारी के ज्ञान हो जाला
प्रेम दिल में रहे त हर मुश्किल
हसते-हसते निदान हो जाला
राजीव कुमार
जेकरा भीतर डर बइठल बा
भोजपूरी ग़ज़ल
जेकरा भीतर डर बइठल बा
उहे नेवा के सर बइठल बा
ए धरती के ऊपर कब से
दे खअ ना अम्बर बइठल बा
के का करी देश के खातिर
सब केहू जब घर बइठल बा
हमरे भीतर के ऊ लईका
आजो ले ममहर बइठलबा
ए बाबू हम्मन के किस्मत
जाने कौन शहर बइठल बा
महल में तू त बा ड़ लेकिन
लोग इहां बेघर बइठल बा
दू कौङी के जान के खातिर
खोल के ऊ दफ्तर बइठल बा
जनता से ज्यादा के इहवा
अतना ताकतवर बइठल बा?
राजीव कुमार
जे भी जहंवा बा ऊ ठहर जाई
भोजपुरी ग़ज़ल
जे भी जहंवा बा ऊ ठहर जाई
एक दिन जिन्दगी गुजर जाई
देह से प्यार एतना मत कSरS
देह मरी त प्यार मर जाई
होई तब्बे खुशी के अंदाजा
आंख में लोर जब उतर जाई
साथ जायेके बा महब्बत में
ले के जहंवा ले ई डगर जाई
जान जाई त जाई इहवां से
एकहूं आदमी ना घर जाई
हार जायेंम जे हमरे गउंवा के
कौनो बच्चा भी तोहसे डर जाई
ई भगत सिंह के देश ह इहंवा
मौत से जिन्दगी संवर जाई
राजीव कुमार
सीने पे जख्म आंख में दरिया दिखाई दे ।
ग़ज़ल सीने पे जख्म आंख में दरिया दिखाई दे । आशिक वही जो दर्द में डूबा दिखाई दे जिसको यकीं नहीं है महब्बत में उसे भी मोहन के साथ ख़्वा...
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जो है हमारा लेंगे हम, दमन नहीं सहेंगे हम मुकद्दरोँ से रहमतों को,अब नहीं है मांगना, असल हुकूक क्या है अब,वही है हमको जानना/ हमे हुकूक ...
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आज का हासिल @Harish Darvesh Ji जी को समिक्षार्थ प्रेषित हर एक दर्द मिटा दे हो इक ख़ुशी ऐसी। ख़ुदा करे कि मिले सबको बेहतरी ऐसी। वो खा...
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ग़ज़ल जो भी कमा रहे हो वो ज़र किसके लिये है। जब कोई नहीं है तो ये घर किसके लिये है। ऐसा न हो कि आईने में देख के खुद को हम सोचने लगे ...