Thursday, March 25, 2021

दुनिया की तो याद है दिल की भूल गये

 गज़ल 


दुनिया की तो याद है दिल की भूल गये 

इश्क़ के मारे अपनी बस्ती भूल गये 


उसकी ज़िद थी हमको भूलने की लेकिन 

हम तो अपनी सारी ज़िद ही भूल गये 


जाने कैसे सोती होगी वो लड़की 

हम तो जैसे नींद ही अपनी भूल गये 


याद करें तो कैसे उसको याद करें 

पर्स में रख के फोटो उसकी भूल गये 


इक बेचैनी साथ हमारे रहती है

जब से उसके लब की सूर्खी भूल गये


सुबह का भूला शाम को घर आ जाता है 

यानी दिल में यार हैं लड़की भूल गये


सबकुछ हमने गाँव से ही पाया लेकिन 

शह्र गये तो गाँव की मिट्टी भूल गये 


उसको भूलने के चक्कर में देखो ना 

उसकी बातें याद हैं अपनी भूल गये


राजीव कुमार

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