*भोजपुरी ग़ज़ल *
जेकरा में ईमान बहुत बा
अब उ परेशान बहुत बा
जियले मुश्किल बाटेे इहंंवा
मरल त आसान बहुत बा
सच्चाई पर अब के चली
इ रस्ता सुनसान बहुत बा
परजा भूखे बीया फिर भी
राजा जी के शान बहुत बा
हर मुद्दा पर हावी इहंवा
हिन्दू मूसलमान बहुत बा
भूख गरीबी बेकारी से
इ हाकिम अन्जान बहुत बा
सबके रोटी देवे वाला
करजा में कीसान बहुत बा
पहिले भी मुश्किल रहे पर
सांसत में अब जान बहुत बा
चुप बानी जा पर हमनी के।
जियरा में तूफान बहुत बा
राजीव 🙏♥️
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