Friday, March 12, 2021

प्यार होखल गुनाह ना होला

प्यार होखल गुनाह ना होला
ए से केहू तबाह ना होला 

फिर भी सच्चाई और महब्बत के
एतना आसान राह ना होला

माई बाबू के बात से निम्मन 
अउर कौनो सलाह ना होला

अब त ला गsता खेती बाड़ी से 
ज्यादा बङहन गुनाह ना होला

जे के दिल से गिरा दे जनता ऊ
कुछ भी होखेला शाह ना होला

प्रेम से बढ़ के लोक शाही में 
कौनो ताकत अथाह ना होला

दिल से निकले न जबले तब तक ले
वाह-वाह वाह-वाह ना होला

राजीव कुमार

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