प्यार होखल गुनाह ना होला
ए से केहू तबाह ना होला
ए से केहू तबाह ना होला
फिर भी सच्चाई और महब्बत के
एतना आसान राह ना होला
माई बाबू के बात से निम्मन
अउर कौनो सलाह ना होला
अब त ला गsता खेती बाड़ी से
ज्यादा बङहन गुनाह ना होला
जे के दिल से गिरा दे जनता ऊ
कुछ भी होखेला शाह ना होला
प्रेम से बढ़ के लोक शाही में
कौनो ताकत अथाह ना होला
दिल से निकले न जबले तब तक ले
वाह-वाह वाह-वाह ना होला
राजीव कुमार
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