Saturday, June 5, 2021

लौट आये हैं हम बलंदी से

लौट आये हैं हम बलंदी से 
इस लिये लग रहे हैं जख्मी से 

क्यु डराते हो हमको भट्टी से 
बल नहीं जाते यूं ही रस्सी से

खाक जाये तुम्हारी ताकत पर 
हम भी डरते नहीं हैं धमकी से

क्या कोई जानता है अबके साल 
मर गये लोग कितने सर्दी से

सारे फैशन ही ओल्ड फैशन हैं
आप क्युं लड़ रहे हैं  दर्जी से

मर के जिन्दा तो हो नही सकते 
इस लिये जी रहे है सुस्ती से

राजीव कुमार

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