भोजपुरी ग़ज़ल
जे भी जहंवा बा ऊ ठहर जाई
एक दिन जिन्दगी गुजर जाई
देह से प्यार एतना मत कSरS
देह मरी त प्यार मर जाई
होई तब्बे खुशी के अंदाजा
आंख में लोर जब उतर जाई
साथ जायेके बा महब्बत में
ले के जहंवा ले ई डगर जाई
जान जाई त जाई इहवां से
एकहूं आदमी ना घर जाई
हार जायेंम जे हमरे गउंवा के
कौनो बच्चा भी तोहसे डर जाई
ई भगत सिंह के देश ह इहंवा
मौत से जिन्दगी संवर जाई
राजीव कुमार
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