भोजपुरी ग़ज़ल
घाव जेतना पुरान हो जाला
दर्द ओतने जवान हो जाला
जेकरे भीतर गुमान हो जाला
झूठ ओकर बयान हो जाला
पइसा पदवी ठसक अकड़ पावर
एक दिन सब जियान हो जाला
ए किसानन के नाम पर काहें
बंद सबके जबान हो जाला
न्याय मांगे में अउर पावे में
यार आफत मे जान हो जाला
कहियो आ व देखा दी खेते मे
कइसे कीचड़ में धान हो जाला
खाली बोली से कुछ न होला बस
सूने वाला हरान हो जाला
खाला ठोकर जे ओके ओतने ही
दुनियादारी के ज्ञान हो जाला
प्रेम दिल में रहे त हर मुश्किल
हसते-हसते निदान हो जाला
राजीव कुमार
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