भोजपुरी गजल
दिन खुशनुमा हसीन हर इक रात हो गइल
जब उन से बात चीत के शुरवात हो गइल।
बादल बगैर शहर में बरसात हो गइल
अइसन भी एक रोज करामात हो गइल
सीना में हमरे होके भी धङकत बा उनके ला
अइसन ए दिल के हाय रे औकात हो गइल
मिल के ऊ हम से खुश रहे पर लौटते समय
फिर से लङाई हमनी में बे बात हो गइल
ओ कर शहर शहर ही रहल पर हमार गांव।
ओ बे वफा के इश्क में देहात हो गइल
राजीव कुमार
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