Sunday, August 19, 2018

फिर कैसे उसको भायेगा संसार का मजा। वो जिसने ले लिया है हरिद्वार का मजा

ग़ज़ल

फिर कैसे उसको भायेगा संसार का मज़ा।
वो जिसने ले लिया है हरिद्वार का मज़ा।

एक बार बदगुमानी जो आ जाये दरमियाँ
आता नहीं है प्यार में भी प्यार का मज़ा।

इक ओर जानो दिल है तो इक ओर नौकरी
लेता हूँ साथ फूलों के मैं ख़ार का मज़ा।

थोङा हुनर के साथ सलीका भी लाईये।
फिर देखियेग दर्द के इज़हार का मज़ा

किसको गरज़ है आज किसानों के दर्द से
हावी है हुक्मरान पे दरबार का मज़ा।

बेशक़ है खुशगवार ये दिन आप का मगर
मज़दूर से न पूछिये इतवार का मज़ा

दुनिया इबादतें ये महब्बत हर एक शै।
जिस तरह चाहे लीजिये संसार का मज़ा

प्याला शराब और शायरी की इक क़िताब।
लेते हैं आओ दोस्तों अशआर का मज़ा।

कंधे पे किसी और के आने से पहले आप।
इक बार ख़ुद ही ले लो हरिद्वार का मज़ा

राजीव कुमार
हरिद्वार

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