भोजपुरी ग़ज़ल
सीधा रास्ता छोड़ के टेड़े राह चलेलन राजीव जी
प्रेम करेलन दर्द सहेलन मस्त रहेलन राजीव जी
जेब त खाली बाटे बाकिर अपने दिल के दौलत से
दुनिया भर के जेब में आपन प्रेम भरेलन राजीव जी
टोका टाकी टांग खिंचाई अउर सिकायत जे करे
रोज ए लोगन के छाती पर मूंग दरेलन राजीव जी
अपना खातिर एक्को पल के फुर्सत ना रहेला पर
दोस्त संघतियन खातिर हर पल जिये मरेलन राजीव जी
तेज त नाहीं सिधवा हऊवन तब्बो का दुक काहेके
लोग कहेला बात-बात में गेम करेलन राजीव जी
कंघी लेके हाथ में अपने ड्रेसिंग टेबल के सोझा
रोज सवेरे खाड़ा होके हाथ मलेलन राजीव जी
फ्लैट शहर में बाटे तब्बो घsर बा आपन गंउवे में
देख के फोटो बाबू जी के रोज कहेलन राजीव जी
बीबी जsवन कहे सब अच्छा माईयो के हर बात सही
जइसन हवा बहेला ओकरे साथ बहेलन राजीव जी
खाली अपने दर्द लिखेला दुनिया भर के शायर लोग
आपन गम के भूल के सबके दर्द लिखेलन राजीव जी
राजीव कुमार
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