गजल-------शुक्रिया
जैसा सोचा था वैसा निकला है
आज का दिन भी अच्छा निकला है
हर कोई लम्बी लाईनो में था।
हर किसी का पसीना निकला है।
उसके खाते में है खुदा शायद
जिसके खाते से पैसा निकला है
इक तरफ फैसला तेरा और हम
देख किसका दिवाला निकला है
सबका रुपया सफेद है राजीव
तेरा सिक्का ही काला निकला है
राजीव कुमार
जैसा सोचा था वैसा निकला है
आज का दिन भी अच्छा निकला है
हर कोई लम्बी लाईनो में था।
हर किसी का पसीना निकला है।
उसके खाते में है खुदा शायद
जिसके खाते से पैसा निकला है
इक तरफ फैसला तेरा और हम
देख किसका दिवाला निकला है
सबका रुपया सफेद है राजीव
तेरा सिक्का ही काला निकला है
राजीव कुमार
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