गजल
आज की बज्म का खुदा है वो
सबकी गजलों में काफिया है वो
मिरे दिल में था इस लिये शायद
मेरे शेरों में आ गया है वो
हुस्न शोला गुलाब चेहरा है
जाने किस चीज से बना है वो
जिन्दगी देती है फजाओं को
खुश्बु ए गुल की इक हवा है वो
सारा कोलेज जिसके पीछे था
यारों अब मेरी दिलरुबा है वो
हाले दिल आप दिल से मत पूछो।
आज कल इश्क से डरा है वो
आशिकी शायरी बगावत भी
कितने किरदार में ढला है वो
मुझसे कुछ काम तो नहीं उसको
मुस्कुरा कर मुझे मिला है वो
राजीव कुमार
दो शेर और है खास दोस्तो के लिये
सीधा सच्चा है और भला है वो
आज के दौर में बुरा है वो
वादा अच्छे दिनों का है जो भी
कुछ नहीं सिर्फ झुनझुना हे वो
राजीव कुमार
आज की बज्म का खुदा है वो
सबकी गजलों में काफिया है वो
मिरे दिल में था इस लिये शायद
मेरे शेरों में आ गया है वो
हुस्न शोला गुलाब चेहरा है
जाने किस चीज से बना है वो
जिन्दगी देती है फजाओं को
खुश्बु ए गुल की इक हवा है वो
सारा कोलेज जिसके पीछे था
यारों अब मेरी दिलरुबा है वो
हाले दिल आप दिल से मत पूछो।
आज कल इश्क से डरा है वो
आशिकी शायरी बगावत भी
कितने किरदार में ढला है वो
मुझसे कुछ काम तो नहीं उसको
मुस्कुरा कर मुझे मिला है वो
राजीव कुमार
दो शेर और है खास दोस्तो के लिये
सीधा सच्चा है और भला है वो
आज के दौर में बुरा है वो
वादा अच्छे दिनों का है जो भी
कुछ नहीं सिर्फ झुनझुना हे वो
राजीव कुमार
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