किस बात का है गुस्सा किस बात की लड़ाई
किस्मत ये मेरी है कि तुम जिन्दगी में आई
दो पल जो मांग बैठा तुम से मेरी खता थी
इस बात पर सजा दो दूंगा न मै दुहाई
मै कल भी था तुम्हारा मै अब भी हूं तुम्हारा
तन्हा हुआ मैं जब जब ये बात याद आई
राजीव
किस्मत ये मेरी है कि तुम जिन्दगी में आई
दो पल जो मांग बैठा तुम से मेरी खता थी
इस बात पर सजा दो दूंगा न मै दुहाई
मै कल भी था तुम्हारा मै अब भी हूं तुम्हारा
तन्हा हुआ मैं जब जब ये बात याद आई
राजीव
No comments:
Post a Comment