Tuesday, February 7, 2023

सीधा रास्ता छोड़ के टेड़े राह चलेलन राजीव जी

भोजपुरी ग़ज़ल 

सीधा रास्ता  छोड़ के टेड़े  राह चलेलन  राजीव जी
प्रेम करेलन  दर्द  सहेलन  मस्त रहेलन  राजीव जी

जेब त खाली  बाटे बाकिर अपने दिल के दौलत से
दुनिया भर के जेब में आपन प्रेम भरेलन राजीव जी

टोका टाकी  टांग  खिंचाई अउर  सिकायत  जे करे 
रोज ए लोगन  के  छाती  पर मूंग दरेलन राजीव जी

अपना  खातिर  एक्को पल  के फुर्सत  ना रहेला पर 
दोस्त संघतियन खातिर हर पल जिये मरेलन राजीव जी

तेज त  नाहीं  सिधवा  हऊवन तब्बो का दुक काहेके
लोग  कहेला  बात-बात  में   गेम  करेलन राजीव जी

कंघी  लेके  हाथ  में  अपने  ड्रेसिंग  टेबल के  सोझा
रोज   सवेरे  खाड़ा  होके  हाथ  मलेलन  राजीव जी

फ्लैट शहर  में बाटे  तब्बो  घsर  बा  आपन गंउवे में
देख  के  फोटो  बाबू  जी के रोज कहेलन राजीव जी

बीबी जsवन कहे सब अच्छा माईयो के हर बात सही 
जइसन  हवा  बहेला ओकरे साथ बहेलन राजीव जी

खाली  अपने दर्द  लिखेला दुनिया भर के शायर लोग
आपन गम के भूल के सबके दर्द लिखेलन राजीव जी

राजीव कुमार

हमारा काम वीडीयो ,हमारा नाम वीडीयो

हर कोई रील वीडियो बनाने में लगा है 😀
वीडियो पर गीत

हमारा  काम वीडीयो 
हमारा नाम वीडीयो
हर एक पल हर इक घड़ी 
सुब्हो से शाम वीडियो
हमारा  काम वीडीयो ,हमारा नाम वीडीयो

जो बन गये तो वीडियो
जो रह गये तो वीडियो
है दिल में कुछ तो बोलिए
जो चुप रहे तो वीडियो
हमारा  काम वीडीयो ,हमारा नाम वीडीयो

हमारी राग वीडीयो
हमारी आग वीडियो
हर एक फूल तितलीयां
हर एक बाग वीडियो 
हमारा  काम वीडीयो ,हमारा नाम वीडीयो

शहर से गांव  वीडियो
ये धूप छांव वीडीयो
हर एक सीन वीडियो 
हर एक ठांव वीडियो

हमारा  काम वीडीयो ,हमारा नाम वीडीयो

बना रहे हैं वीडियो
चला रहे हैं वीडियो
हमारी रोजी रोटियां 
कमा रहे हैं वीडियो
हमारा  काम वीडीयो ,हमारा नाम वीडीयो

जो ना दिखे वो वीडियो
जो दिख गया वो वीडियो
जो बन गया तो बन गया 
जो बिक गया वो वीडियो
हमारा  काम वीडीयो ,हमारा नाम वीडीयो

राजीव कुमार

आंखों में क्यों हैं आप के दलदल कई हजार

हजल (हास्य)

आंखों में क्यों हैं आप के दलदल कई हजार 
शायद पड़े हैं गाल पर करतल कई हजार

चक्कर में इक हसीन के शायर बेरोजगार।
अब फिर रहे हैं देश में पैदल कई हजार

हमको बता रहा है वो‌ पीना हराम है 
जो पी चुका है आज तक बोतल कई हजार

बीबी से पिट गये तो कभी बोस की गाली
हम रोज ऐसे लड़ते हैं दंगल कई हजार

भगवान ऐसे भक्तों से हमको बचाईये
मंदिर से जो चुराते हैं चप्पल कई हजार 

उनका भी शुक्रिया जो नहाते नहीं हैं रोज 
पानी के साथ बच गये टावल कई हजार

जुल्फों को अपने डाई कराती है मंथली
कहते हैं जिसपे शेर ये पागल कई हजार

राजीव कुमार

ऐसा लगता था बचा लेगा मगर ले डूबा।

ले डूबा ग़ज़ल

ऐसा लगता था बचा लेगा मगर ले डूबा।
घर बचाते हुए इक शख्स शहर ले डूबा।

फिर वही रेट  वही लोन वो गिरते शेयर ।
मेरे पैसों को इसी बात का डर ले डूबा।

आपको चाहते रहने के सुकूं को साहब।
आप से दूर हो जाने का असर ले डूबा ।

आज सूरज ने शरारत भी कुछ ऐसे की।
सुब्ह उगते ही सितारों का क़मर ले डूबा।

इस हकीकत को कोई कैसे छुपा सकता है ।
जिसका फल खाया वही पेड़ बश़र ले डूबा

एक मंज़िल जिसे पाने की हसीं ख़्वाहिश में
इक अडानी को अडानी का सफ़र ले डूबा

राजीव कुमार

जियला के सगरो हमनी के आसार लूट ल

भोजपुरी ग़ज़ल 

जियला के सगरो हमनी के आसार लूट ल 
बगली में का रखल बा तू घर बार लूट ल

 मुह से  जबान पेट से आहार  लूट ल 
के  बा इंहा पs अब केहू बरियार लूट ल

बाचल बा जौनो आ वs इहो यार लूट ल
कहियो तू हमरे दिल के भी दिलदार लूट ल

एगो दोकान लूट के का  होई  सेठ जी 
जहंवा बा ई दोकान ऊ बाजार लूट ल

कबले तू बैंक लुट ब अरे जाय द मर्दे
थाना से अबकी बार जा हथियार लूट ल

हर फूल कली बाग चमन‌ रंग इंहां के
फुर्सत मिले त एक दिन फुल्वार लूट ल

तहरे प चौकिदार फिदा बाग के बा तू 
जेतना बा फल‌ ए बाग के रसदार लूट ल

राजीव कुमार

जियला - जीने का 
बगली- जेब
सगरो - सारा /पूरा 
केहू -कौन
बरियार - ताकतवर 
बाचल - बाकी है बचा है
कहियो - किसी दिन
एगो - एक 
दोकान- दुकान 
कबले - कबतक 
फुल्वार - फुल्वारी 
तहरे - तुम पर
जेतना - जितना

सबका से राम राम सभे से सलाम बा

आज के ताजा भोजपुरी ग़ज़ल 

सबका   से   राम राम  सभे  से  सलाम बा
केहू  के  हमसे  हमरो  के  केहू से काम बा

हद  से  जियादा  केहू  सराहे  त  बूझ  लs
छूरी बगल  में  बाटे  भले  मुह  में राम बा

खुश्बू    बहार    रंग    घटा    फूल   शायरी  
हर    एक    चीज  आज  ले  तोहरे  गुलाम

तू  हमसे  दूर   अउर   तहसे   दूर  रहीं  हम
अइसे  त  जान  हमनी  के जीयले हराम बा

संकोच  शरम  रिस्क  तड़प  अंत  में ह प्रेम
छो ड़s हटा व  ए  में  बहुत  ताम  झाम  बा

जिनगी लगा के इश्क में  दे ख ना का मिलल
सिग्रेट  एगो   हाथ   में  दुसरा  में  जाम  बा

जेकरे ग़ज़ल  के  पढ़ के लोग प्रेम में परल 
शायर ऊ सबके दिल में अभी ले अनाम बा

राजीव कुमार

Wednesday, January 11, 2023

चोरी डकैती लूट बलात्कार देख लीं

भोजपुरी ग़ज़ल
देख लीं 😊

चोरी डकैती लूट बलात्कार देख लीं
केतना अजीब बाटे इ संसार देख लीं

टोपी जनेउ दाड़ी आ दस्तार देख लीं 
भारत में भेद भाव के हथियार देख लीं

हमनीं के हाल आईं ना सरकार देख लीं
छाती प चढ़ गईल बा एगो थार देख लीं

हारल बा जे अब उनकरो सरकार देख लीं
होखेला अइसनो भी चमत्कार देख लीं

कमजोर आदमी प राउर टेड़ बा नजर 
कहियो त ओही आंख से बरियार देख लीं

मरले बा जवन जान से उहे करत बा न्याय
बा अइसनो इहां प गुनहगार देख लीं

एतना भईल विकास कि ए देश में हूजूर
लइका हर एगो घर में बा बेकार देख लीं

माई के हाल पहिले से ज्यादा खराब बा
गंगा के एह पार से ओह पार देख लीं

पेंसिल किताब बस्ता पढ़ाई के छोड़ के
चाकू में अब लगाव तनी धार देख लीं

भगवान जी अब हाथ खड़ा कर लेले बाड़न
देखे के बा त आज के अखबार देख लीं

R kumar

सीने पे जख्म आंख में दरिया दिखाई दे ।

ग़ज़ल सीने पे जख्म आंख में दरिया दिखाई दे । आशिक वही जो दर्द में डूबा दिखाई दे जिसको यकीं नहीं है महब्बत में उसे भी मोहन के साथ ख़्वा...