Tuesday, February 7, 2023

जियला के सगरो हमनी के आसार लूट ल

भोजपुरी ग़ज़ल 

जियला के सगरो हमनी के आसार लूट ल 
बगली में का रखल बा तू घर बार लूट ल

 मुह से  जबान पेट से आहार  लूट ल 
के  बा इंहा पs अब केहू बरियार लूट ल

बाचल बा जौनो आ वs इहो यार लूट ल
कहियो तू हमरे दिल के भी दिलदार लूट ल

एगो दोकान लूट के का  होई  सेठ जी 
जहंवा बा ई दोकान ऊ बाजार लूट ल

कबले तू बैंक लुट ब अरे जाय द मर्दे
थाना से अबकी बार जा हथियार लूट ल

हर फूल कली बाग चमन‌ रंग इंहां के
फुर्सत मिले त एक दिन फुल्वार लूट ल

तहरे प चौकिदार फिदा बाग के बा तू 
जेतना बा फल‌ ए बाग के रसदार लूट ल

राजीव कुमार

जियला - जीने का 
बगली- जेब
सगरो - सारा /पूरा 
केहू -कौन
बरियार - ताकतवर 
बाचल - बाकी है बचा है
कहियो - किसी दिन
एगो - एक 
दोकान- दुकान 
कबले - कबतक 
फुल्वार - फुल्वारी 
तहरे - तुम पर
जेतना - जितना

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