दर्द को आपने जिया ही नहीं
इश्क फिर आप को हुआ ही नहीं
फूल तितली बहार और चमन
तुझसे अच्छा कोई बना ही नहीं
बात करती हैं आप की आंखे।
आप ने ठीक से सुना ही नहीं
क्यु जमाने से लड़ रहा है तू
खुद से लड़ के जीतता ही नही
रोज हस कर तो बात करता था
अब मगर मुझसे बोलता ही नही
कितनी नदियों को पी गया लेकिन
कैसा सागर है जो भरा ही नही
फिक्र जिसकी हमारे जैसी हो
ऐसे दुनियां में शायरा ही नहीं
हमने देखा है यार उल्फत में
जिसको चाहा वही मिला ही नही
सारी दुनिया जो घूमता है वो
अपने भीतर कभी गया ही नही
किस तरह दिल तुम्हारा बहलेगा
ऐसा नुस्खा मुझे पता ही नही
राजीव
तुझसे अच्छा कोई बना ही नहीं
बात करती हैं आप की आंखे।
आप ने ठीक से सुना ही नहीं
क्यु जमाने से लड़ रहा है तू
खुद से लड़ के जीतता ही नही
रोज हस कर तो बात करता था
अब मगर मुझसे बोलता ही नही
कितनी नदियों को पी गया लेकिन
कैसा सागर है जो भरा ही नही
फिक्र जिसकी हमारे जैसी हो
ऐसे दुनियां में शायरा ही नहीं
हमने देखा है यार उल्फत में
जिसको चाहा वही मिला ही नही
सारी दुनिया जो घूमता है वो
अपने भीतर कभी गया ही नही
किस तरह दिल तुम्हारा बहलेगा
ऐसा नुस्खा मुझे पता ही नही
राजीव
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