गजल 😂😂😂😂
बुरी आदत से मुक्ती मिल गयी तो !
तेरी यादों से छुट्टी मिल गयी तो !
बहुत चाहा कि तुझको खत लिखूं पर
तेरे बापू को चिट्ठी मिल गयी तो !
मुझे तड़पाने वाली क्या करेगी !
मुझे तुझसे भी अच्छी मिल गयी तो !
मियां बच्चो की फिर किसको जरूरत
अगर बीवी ही छोटी मिल गयी तो !
नहीं देती है अब ससूराल जाने
उसे डर है कि साली मिल गयी तो!
मेरा ईमान तो पक्का है लेकिन
कहीं नोटो की गड्डी मिल गयी तो !
मिलेगी हर किसी को मुफ्त बोतल
अगर इस बार कुर्सी मिल गयी तो !
राजीव कुमार
बुरी आदत से मुक्ती मिल गयी तो !
तेरी यादों से छुट्टी मिल गयी तो !
बहुत चाहा कि तुझको खत लिखूं पर
तेरे बापू को चिट्ठी मिल गयी तो !
मुझे तड़पाने वाली क्या करेगी !
मुझे तुझसे भी अच्छी मिल गयी तो !
मियां बच्चो की फिर किसको जरूरत
अगर बीवी ही छोटी मिल गयी तो !
नहीं देती है अब ससूराल जाने
उसे डर है कि साली मिल गयी तो!
मेरा ईमान तो पक्का है लेकिन
कहीं नोटो की गड्डी मिल गयी तो !
मिलेगी हर किसी को मुफ्त बोतल
अगर इस बार कुर्सी मिल गयी तो !
राजीव कुमार
No comments:
Post a Comment