Sunday, May 28, 2017

दिल की दुनियां में हर पल खुशी के लिये

दिल की दुनियां में हर पल खुशी के लिये
शायरी कीजिये जिन्दगी के लिये

हद से ज्यादा सराफत भी अच्छी नहीं
आज के दौर में आदमी के लिये।

सोने चांदी नहीं हीरे मोती नहीं ।
हम तो आये हैं तेरी खुशी के लिये ।

दिल तड़पता रहे आंख बहती रहे।
ये भी अच्छा नहीं आशिकी के लिये

फूल खिलने लगे और महकने लगे
गा रही है फजा आप ही के लिये

चांद भी सोचता रह गया रात भर
आपका है या है चांदनी के लिये

पीठ पर हम भी खंजर संम्भाले हुए
मर गये दोस्तो दोस्ती के लिये

हम फकीरों का दौलत से क्या वास्ता
हम तो जीते ही हैं मुफलिसी के लिये

आईये हमसे सिकवे गिले कीजिये
हम तो काबिल नहीं दुश्मनी के लिये

रौशनी की हिमायत में मत भूलिये
रौशनी भी तो है तीरगी के लिये

शाम के सात अब बज गये देखिये
आईये अब चले मय कसी के लिये

राजीव कुमार
🙏🏻

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