तू जो साकी मेरा नहीं होता
मैं भी मयकस बना नहीं होता
दिल के अरमान जल रहे होते
सच कहुं गर दिया नहीं होता ।
ये गमे दिल ये शब ये तन्हाई।
आज कल कुछ नया नहीं होता
जंग में फिर भी कुछ तो शर्ते हैं
इश्क में देख क्या नहीं होता ।
ये लो अखबार तो पढ़ो राजीव
झूठ से सच बड़ा नहीं होता ।
राजीव कुमार
🙏🏻🙏🏻
मैं भी मयकस बना नहीं होता
दिल के अरमान जल रहे होते
सच कहुं गर दिया नहीं होता ।
ये गमे दिल ये शब ये तन्हाई।
आज कल कुछ नया नहीं होता
जंग में फिर भी कुछ तो शर्ते हैं
इश्क में देख क्या नहीं होता ।
ये लो अखबार तो पढ़ो राजीव
झूठ से सच बड़ा नहीं होता ।
राजीव कुमार
🙏🏻🙏🏻
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