Thursday, May 25, 2017

तू जो साकी मेरा नहीं होता

तू जो साकी मेरा नहीं होता
मैं भी मयकस बना नहीं होता

दिल के अरमान जल रहे होते
सच कहुं गर दिया नहीं होता ।

ये गमे दिल ये शब ये तन्हाई।
आज कल कुछ नया नहीं होता

जंग में फिर भी कुछ तो शर्ते हैं
इश्क में देख क्या नहीं होता ।

ये लो अखबार तो पढ़ो राजीव
झूठ से सच बड़ा नहीं होता ।

राजीव कुमार

🙏🏻🙏🏻

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