तू मेरे सामने चली आयी ।
मैने सोचा कि जिन्दगी आयी।
मैने सोचा कि जिन्दगी आयी।
पहले आई थी इस जमीं पर तू
फिर तेरे बाद शायरी आयी ।
फिर तेरे बाद शायरी आयी ।
ऐसा लगता है इन निगांहों से।
सारी दुनियां को मयकशी आयी ।
सारी दुनियां को मयकशी आयी ।
तू न आयी थी रात को लेकिन
तेरी यादों की रौशनी आयी ।
तेरी यादों की रौशनी आयी ।
देख कर तेरे इन लबों को ही।
जैसे फूलों को ताजगी आयी।
जैसे फूलों को ताजगी आयी।
छोङ कर जबसे तुम गयी जाना।
घर मेरे फिर नहीं खुशी आयी ।
घर मेरे फिर नहीं खुशी आयी ।
राजीव कुमार
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