Saturday, January 9, 2016

इश्क जब सर सवार होता है

फिलबदीह 198
इश्क जब सर सवार होता है
तब कहां इन्तेजार होता हे।
प्यार हमको भी यार होता है
हर किसी को बुखार होता है
जहनों दिल में करार होता है।
जब ख्यालों में यार होता है
इन दवाओं से कुछ नहीं होता।
जब कभी दिल बीमार होता है।
तेरी नजरों की जेल में जा कर
कौन कैदी फरार होता हे ।
आप के दम से हो गया बाईस ।
वरना दो और दो चार होता है
इस जहां में ईमान वालो का।
हल्का फुल्का पगार होता है।
डांट फटकार तो हैं बाबा के।
मां का गुस्सा दूलार होता है।
राजीव कुमार

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