Sunday, December 3, 2023

छठ पर्व गीत-भोजपुरी केहू रsहे न अबके दुखी छठी माई सबके दउरा में भर द खुशी छठी माई

छठ पर्व गीत-भोजपुरी 

केहू रsहे न  अबके दुखी छठी माई 
सबके दउरा में भर द खुशी छठी माई 

बेटा माई से मीले पहुंच जाये घर
बेटियन के न लागे कहीं कौनो डर
प्रेम सबके हिया में पले रात दिन 
सsभे आगे से आगे बढ़े रात दिन 
प्रेम के दे द अइसन जड़ी छठी माई 
सबके दउरा में भर द खुशी छठी माई 

कौनो दुलहिन उदासी न पावे कबो 
माई के आंख ना डबबाये कबो 
माथे सेनुर रहे हाथे कंगन सजे 
सबके अरघा में चूड़ी के खनखन रहे
सब सुहागिन के कर द धनी छठी माई 
सबके दउरा में भर द खुशी छठी माई

गांव महके त चमकत बजरिया मिले
सबके बहंगी में फल मूल ठेकुआ मिले
खेत खलिहान अन धन से भरल रहे
भूखे केहू  ना दुनिया में परल रहे
 पूरा कर द हर एगो कमी छठी माई 
सबके दउरा में भर द खुशी छठी माई

डूबे सूरज त रंगीन हो इ गगन
साफ धरती रहे साफ रहे पवन 
इहे बा कामना की निरोगी हो तन
अब उम्मीदन से भरल रहे सबके मन
सूर्य डूबी तबे त उगी छठी माई 
सबके दउरा में भर द खुशी छठी माई

राजीव कुमार

No comments:

Post a Comment

सीने पे जख्म आंख में दरिया दिखाई दे ।

ग़ज़ल सीने पे जख्म आंख में दरिया दिखाई दे । आशिक वही जो दर्द में डूबा दिखाई दे जिसको यकीं नहीं है महब्बत में उसे भी मोहन के साथ ख़्वा...