भोजपुरी ग़ज़ल
दिल में जेतना प्रेम रहे अब ओतने बड़ बिमारी बा
जे के जान बनवनी ऊहे जान प हमरे भारी बा
उनसे धोखा खा के बुझनी जे से सच्चा प्यार रहे
जान बचावे वाला मुजरिम, खूनी वर्दी धारी बा
ए दुनिया में आज जे बा सब बनरे से इन्सान बनल
यानी सबके नाच-नचावत अभियो एगो मदारी बा
एक बगइचा के ई दूगो फूल ह हिन्दू मुस्लिम पर
फूल के जे मसलेला ओकरे हाथ में ई फुल्वारी बा
प्रेम के जड़ जे काटत बा तू उनके दोस्त बतावे लS
आखिर कब ई बात तू बुझ ब पेड़ के दुश्मन आरी बा
अनपढ़ हो आ पढ़ल-लिखल सब मूरख एक नियर होला
ऊहो गदहा गदहे होला जेकरा पीठ प धारी बा
शहर में तहरे रुपया पइसा से धनवान कहाला लोग
लेकिन हमरे गांव में धन के पैमाना खुद्दारी बा
नाच सिनेमा सांझ के देखे जाईं त बाबू जी पूछें
का रे का ह अइसे कइसे कहंवा के तइयारी बा
कविता समझ में आये न आये ई सब दिक्कत राउर ह
हमन के सर्विस चौबीस घंटा जनहित में अब जारी बा
राजीव कुमार
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