त का भइल कि जेब से हमन के थोड़ी धन गइल
इ कम बा का कि सांझ के हमन के प्लान बन गइल
हमन के भाग खेल में ए प्रेम के बा ए तरे
कि जइसे कैच छोड़ला के बाद एगो रन गइल
ए साकी तोहरे हाथ से शराब जब पियेनी हम
बुझाला जइसे रुह ए बदन से ओ बदन गइल
खुशी हमन के देख के दुखी बस ऊहे लोग बा
कि जेकरे गिलास में न दूगो पैग तक निमन गइल
तहार दर्द दर्द ह हमार दर्द शायरी
कईगो शायरन में काल्ह एतने प ठन गइल
ह आज ड्राई डे इबात जइसही पता चलल
जमीन पांव से गइल आ माथ से गगन गइल
राजीव कुमार
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