Tuesday, February 7, 2023

गांव के खुश्बू भूल के गर्दा शहर के फांके आइल बा

भोजपुरी ग़ज़ल 

गांव के खुश्बू भूल के गर्दा शहर के फांके आइल बा 
असली दौलत छोड़ के नकली माल कमाये आइल बा

माई के हाथ के लिट्टी चोखा सत्तू ठेकुआ छोड़ के अब
केतना लोग शहर में छुछे रोटी खाये आइल बा

खेत बगईचा इनरा पोखर महुआ गूलर सरसों धान
जब्बो आंख मुदाइल आंख में सपना इहे आइल बा।

पहिला प्यार भइल जेकरा से अब्बो गांव में बीया ऊ
लोग दवाई छोड़ के शहर  दर्द बढ़ावे आइल बा

चांद सितारा जुगनू बारिस सगरो पिंक लिफाफा में 
रख के भेजs ले बीया बुचिया डाकीया लेके आइल बा

याद त होखबे कsरी तहके सावन के पहिला बरसात। 
माई कहे दे खs धरती पर बादर घुम्मे आइल बा

मंज़िल सामने बाटे तब्बो बइठ के सोचत बानी हम 
हमरे जइसे आखिर केतना लोग इहां ले आइल बा

गांव से शsहर जाये वाली ट्रेन प चढ़ते लागेला 
आत्मा पीछे छूट गइल बा देह अकेले आइल बा

राजीव कुमार

क्या मंच से बोला है सुना करिये सामईन कवियों पे नज़र आप रखा करिये सामईन

सामईन (श्रोतागण) कृपया ध्यान दें 

क्या मंच से बोला है सुना करिये सामईन 
कवियों पे नज़र आप रखा करिये सामईन

ये चाहते हैं भूख कजा मुफ्लिसी  को भूल।
जय जय किसी की आप सदा करिये सामईन

जो शेर कह रहे है वो सब जुल्म से डर के
आखिर कहां छुपे है पता करिये सामईन

कुछ भी सुना के चल दें तो मत दाद दीजीए
उंगली उठा के इन पे हंसा करिये सामईन

अपने ही दिल की लिख रहे हैं पढ़ रहे हैं सब 
ऐसे में आप अपनी कहा करिये सामईन

लोगो का जो नहीं है वो गीतों के हैं कहां 
ये भी सवाल दिल  में रखा करिये सामईन

जिनको न कोई शर्म है न फिक्र आप की
उन साहिबे अदब से बचा करिये सामईन

जो हक में आप ही के नहीं उनपे आप भी
गर हो सके तो सख्त रहा करिये सामईन

राजीव कुमार

प्रेम हर काम से जरूरी हsप्रेम के नाम भोजपूरी हs

भोजपुरीया ग़ज़ल (प्रेम)

प्रेम  हर  काम  से  जरूरी हs
प्रेम  के   नाम  भोजपूरी   हs

माई  बाबू आ  भइया भाभी के 
प्रेम   हलुवा हs अउर पूरी हs

रूह  से  प्रेम   एगो  पूजा  हs
देह   से  प्रेम  दिल के दूरी हs

जिद प आये त प्रेम आफत हs
दिल  में  रहे त जग के नूरी हs

जे समाइल बा मन में उनके से
सबके किस्मत में काहे  दूरी हs

प्रेम  मरहम हs केहू खातिर तs
प्रेम  कांटा  हs  प्रेम  छूरी  हs

प्रेम आशिक के सगरो दौलत हs  
प्रेम शायर के  बस   मजूरी हs

काम से प्रेम होला तप बाकिर
बोस  से   प्रेम   जी  हूजूरी हs

केहू  माने   न  माने  हमनी  के  
प्रेम जिनगी के असली धूरी हs

राजीव कुमार

चोरी डकैती लूट बलात्कार देख लीं

भोजपुरी ग़ज़ल
देख लीं 😊

चोरी डकैती लूट बलात्कार देख लीं
केतना अजीब बाटे इ संसार देख लीं

टोपी जनेउ दाड़ी आ दस्तार देख लीं 
भारत में भेद भाव के हथियार देख लीं

हमनीं के हाल आईं ना सरकार देख लीं
छाती प चढ़ गईल बा एगो थार देख लीं

हारल बा जे अब उनकरो सरकार देख लीं
होखेला अइसनो भी चमत्कार देख लीं

कमजोर आदमी प राउर टेड़ बा नजर 
कहियो त ओही आंख से बरियार देख लीं

मरले बा जवन जान से उहे करत बा न्याय
बा अइसनो इहां प गुनहगार देख लीं

एतना भईल विकास कि ए देश में हूजूर
लइका हर एगो घर में बा बेकार देख लीं

माई के हाल पहिले से ज्यादा खराब बा
गंगा के एह पार से ओह पार देख लीं

पेंसिल किताब बस्ता पढ़ाई के छोड़ के
चाकू में अब लगाव तनी धार देख लीं

भगवान जी अब हाथ खड़ा कर लेले बाड़न
देखे के बा त आज के अखबार देख लीं

R kumar

प्रेम ए दुनिया में जे कsरी ई उनके ईनाम मिली

भोजपुरी ग़ज़ल 

प्रेम  ए   दुनिया   में  जे कsरी   ई   उनके  ईनाम  मिली 
जेतना   बदनामी   ऊ पइहन ओतने  उनके  नाम  मिली

प्यार करे से पहिले  ई हो  सोच  ल‌  का  अन्जाम  मिली
दिन भर  दिल  बे  चैन रही आ  रात में ना आराम मिली 

जान  के  कवनो  कीमत नइखे देह के दुनिया में बाकिर 
तब्बो  दिल के जिस्म से बेसी इश्क में तहके दाम मिली

सूरज  जइसे  उग  के  उनकर  सपना  भोर  में  कहेला 
प्रेम  के  सागर में  डुबला  के   बादे  सुन्दर  शाम मिली

एक  दूजे  के  पा  जइला  के  पागल  पन से ना पइ बा 
कहियो खुद के छोड़ के दे खs तोहरे दिल में राम मिली

दिन भर  आपन  के बोझ उठाई  रात में  रोई अपने पर 
जे-जे  आपन  प्यार  न  पाई उनका  के  ई  काम मिली

ऊहो वक्त रहे जब क्लास में बइठ के सोचीं घsरे आज 
खीर में गोला  किशमिश काजू अउर तनी बादाम मिली

मेहनत  से  जे   काम   करेला   उनकर कमवा बोले ला 
बाकी  जे नाकाम  बा तोहके उनकर जिभिया लाम मिली 

सूर   कबीर   भिखारी  ग़ालिब  ईहे  लिखले  बा सsभे।
दर्द  ग़ज़ल  में जेतना  लिख  ब ओतने ही आराम मिली

राजीव कुमार

मफलर सफारी सूट पे भारी टीशर्ट है

ग़ज़ल (मैं और मेरी टीशर्ट)

मफलर सफारी सूट पे भारी टीशर्ट है
शर्दी के  हर  दरख्त पे आरी टीशर्ट है

कांटों से भर गयें हैं जो रस्ते उन्हीं में अब
फूलों  की इक  हसीन कियारी  टीशर्ट है

सय्याद के आगे खड़े हैं अम्न के पंछी
इस बार  पंछियों  की सवारी टीशर्ट है

जो  ढा  रहे  हैं  बेबसों  पे  जुल्म  बारहा 
उन ज़ालिमों का अबके शिकारी टीशर्ट है

बैठे हैं जो बिझाये हुए जाल झूठ के
उनके लिये तो जैसे कटारी टीशर्ट है

कहता नहीं है खुद से मगर जान लिजिए
इस बार शर्दियों की  सुपारी टीशर्ट है

हर शख्स को  गले  से  लगाते हुए लगे 
चाहत  की जैसे  एक  पिटारी  टिशर्ट है

बेटी  बहन   बुजुर्ग  मां सबकी  निगाह में
कितनी  हसीन  कितनी  पियारी टिशर्ट है

नफरत की मंडियों में महब्बत की इक दुकान
यारों    हमारी   और    तुम्हारी    टीशर्ट  है

राजीव कुमार

सीधा रास्ता छोड़ के टेड़े राह चलेलन राजीव जी

भोजपुरी ग़ज़ल 

सीधा रास्ता  छोड़ के टेड़े  राह चलेलन  राजीव जी
प्रेम करेलन  दर्द  सहेलन  मस्त रहेलन  राजीव जी

जेब त खाली  बाटे बाकिर अपने दिल के दौलत से
दुनिया भर के जेब में आपन प्रेम भरेलन राजीव जी

टोका टाकी  टांग  खिंचाई अउर  सिकायत  जे करे 
रोज ए लोगन  के  छाती  पर मूंग दरेलन राजीव जी

अपना  खातिर  एक्को पल  के फुर्सत  ना रहेला पर 
दोस्त संघतियन खातिर हर पल जिये मरेलन राजीव जी

तेज त  नाहीं  सिधवा  हऊवन तब्बो का दुक काहेके
लोग  कहेला  बात-बात  में   गेम  करेलन राजीव जी

कंघी  लेके  हाथ  में  अपने  ड्रेसिंग  टेबल के  सोझा
रोज   सवेरे  खाड़ा  होके  हाथ  मलेलन  राजीव जी

फ्लैट शहर  में बाटे  तब्बो  घsर  बा  आपन गंउवे में
देख  के  फोटो  बाबू  जी के रोज कहेलन राजीव जी

बीबी जsवन कहे सब अच्छा माईयो के हर बात सही 
जइसन  हवा  बहेला ओकरे साथ बहेलन राजीव जी

खाली  अपने दर्द  लिखेला दुनिया भर के शायर लोग
आपन गम के भूल के सबके दर्द लिखेलन राजीव जी

राजीव कुमार

हमारा काम वीडीयो ,हमारा नाम वीडीयो

हर कोई रील वीडियो बनाने में लगा है 😀
वीडियो पर गीत

हमारा  काम वीडीयो 
हमारा नाम वीडीयो
हर एक पल हर इक घड़ी 
सुब्हो से शाम वीडियो
हमारा  काम वीडीयो ,हमारा नाम वीडीयो

जो बन गये तो वीडियो
जो रह गये तो वीडियो
है दिल में कुछ तो बोलिए
जो चुप रहे तो वीडियो
हमारा  काम वीडीयो ,हमारा नाम वीडीयो

हमारी राग वीडीयो
हमारी आग वीडियो
हर एक फूल तितलीयां
हर एक बाग वीडियो 
हमारा  काम वीडीयो ,हमारा नाम वीडीयो

शहर से गांव  वीडियो
ये धूप छांव वीडीयो
हर एक सीन वीडियो 
हर एक ठांव वीडियो

हमारा  काम वीडीयो ,हमारा नाम वीडीयो

बना रहे हैं वीडियो
चला रहे हैं वीडियो
हमारी रोजी रोटियां 
कमा रहे हैं वीडियो
हमारा  काम वीडीयो ,हमारा नाम वीडीयो

जो ना दिखे वो वीडियो
जो दिख गया वो वीडियो
जो बन गया तो बन गया 
जो बिक गया वो वीडियो
हमारा  काम वीडीयो ,हमारा नाम वीडीयो

राजीव कुमार

आंखों में क्यों हैं आप के दलदल कई हजार

हजल (हास्य)

आंखों में क्यों हैं आप के दलदल कई हजार 
शायद पड़े हैं गाल पर करतल कई हजार

चक्कर में इक हसीन के शायर बेरोजगार।
अब फिर रहे हैं देश में पैदल कई हजार

हमको बता रहा है वो‌ पीना हराम है 
जो पी चुका है आज तक बोतल कई हजार

बीबी से पिट गये तो कभी बोस की गाली
हम रोज ऐसे लड़ते हैं दंगल कई हजार

भगवान ऐसे भक्तों से हमको बचाईये
मंदिर से जो चुराते हैं चप्पल कई हजार 

उनका भी शुक्रिया जो नहाते नहीं हैं रोज 
पानी के साथ बच गये टावल कई हजार

जुल्फों को अपने डाई कराती है मंथली
कहते हैं जिसपे शेर ये पागल कई हजार

राजीव कुमार

ऐसा लगता था बचा लेगा मगर ले डूबा।

ले डूबा ग़ज़ल

ऐसा लगता था बचा लेगा मगर ले डूबा।
घर बचाते हुए इक शख्स शहर ले डूबा।

फिर वही रेट  वही लोन वो गिरते शेयर ।
मेरे पैसों को इसी बात का डर ले डूबा।

आपको चाहते रहने के सुकूं को साहब।
आप से दूर हो जाने का असर ले डूबा ।

आज सूरज ने शरारत भी कुछ ऐसे की।
सुब्ह उगते ही सितारों का क़मर ले डूबा।

इस हकीकत को कोई कैसे छुपा सकता है ।
जिसका फल खाया वही पेड़ बश़र ले डूबा

एक मंज़िल जिसे पाने की हसीं ख़्वाहिश में
इक अडानी को अडानी का सफ़र ले डूबा

राजीव कुमार

जियला के सगरो हमनी के आसार लूट ल

भोजपुरी ग़ज़ल 

जियला के सगरो हमनी के आसार लूट ल 
बगली में का रखल बा तू घर बार लूट ल

 मुह से  जबान पेट से आहार  लूट ल 
के  बा इंहा पs अब केहू बरियार लूट ल

बाचल बा जौनो आ वs इहो यार लूट ल
कहियो तू हमरे दिल के भी दिलदार लूट ल

एगो दोकान लूट के का  होई  सेठ जी 
जहंवा बा ई दोकान ऊ बाजार लूट ल

कबले तू बैंक लुट ब अरे जाय द मर्दे
थाना से अबकी बार जा हथियार लूट ल

हर फूल कली बाग चमन‌ रंग इंहां के
फुर्सत मिले त एक दिन फुल्वार लूट ल

तहरे प चौकिदार फिदा बाग के बा तू 
जेतना बा फल‌ ए बाग के रसदार लूट ल

राजीव कुमार

जियला - जीने का 
बगली- जेब
सगरो - सारा /पूरा 
केहू -कौन
बरियार - ताकतवर 
बाचल - बाकी है बचा है
कहियो - किसी दिन
एगो - एक 
दोकान- दुकान 
कबले - कबतक 
फुल्वार - फुल्वारी 
तहरे - तुम पर
जेतना - जितना

सबका से राम राम सभे से सलाम बा

आज के ताजा भोजपुरी ग़ज़ल 

सबका   से   राम राम  सभे  से  सलाम बा
केहू  के  हमसे  हमरो  के  केहू से काम बा

हद  से  जियादा  केहू  सराहे  त  बूझ  लs
छूरी बगल  में  बाटे  भले  मुह  में राम बा

खुश्बू    बहार    रंग    घटा    फूल   शायरी  
हर    एक    चीज  आज  ले  तोहरे  गुलाम

तू  हमसे  दूर   अउर   तहसे   दूर  रहीं  हम
अइसे  त  जान  हमनी  के जीयले हराम बा

संकोच  शरम  रिस्क  तड़प  अंत  में ह प्रेम
छो ड़s हटा व  ए  में  बहुत  ताम  झाम  बा

जिनगी लगा के इश्क में  दे ख ना का मिलल
सिग्रेट  एगो   हाथ   में  दुसरा  में  जाम  बा

जेकरे ग़ज़ल  के  पढ़ के लोग प्रेम में परल 
शायर ऊ सबके दिल में अभी ले अनाम बा

राजीव कुमार

सीने पे जख्म आंख में दरिया दिखाई दे ।

ग़ज़ल सीने पे जख्म आंख में दरिया दिखाई दे । आशिक वही जो दर्द में डूबा दिखाई दे जिसको यकीं नहीं है महब्बत में उसे भी मोहन के साथ ख़्वा...