भोजपुरीया ग़ज़ल (प्रेम)
प्रेम हर काम से जरूरी हs
प्रेम के नाम भोजपूरी हs
माई बाबू आ भइया भाभी के
प्रेम हलुवा हs अउर पूरी हs
रूह से प्रेम एगो पूजा हs
देह से प्रेम दिल के दूरी हs
जिद प आये त प्रेम आफत हs
दिल में रहे त जग के नूरी हs
जे समाइल बा मन में उनके से
सबके किस्मत में काहे दूरी हs
प्रेम मरहम हs केहू खातिर तs
प्रेम कांटा हs प्रेम छूरी हs
प्रेम आशिक के सगरो दौलत हs
प्रेम शायर के बस मजूरी हs
काम से प्रेम होला तप बाकिर
बोस से प्रेम जी हूजूरी हs
केहू माने न माने हमनी के
प्रेम जिनगी के असली धूरी हs
राजीव कुमार
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