भोजपुरी ग़ज़ल
प्रेम ए दुनिया में जे कsरी ई उनके ईनाम मिली
जेतना बदनामी ऊ पइहन ओतने उनके नाम मिली
प्यार करे से पहिले ई हो सोच ल का अन्जाम मिली
दिन भर दिल बे चैन रही आ रात में ना आराम मिली
जान के कवनो कीमत नइखे देह के दुनिया में बाकिर
तब्बो दिल के जिस्म से बेसी इश्क में तहके दाम मिली
सूरज जइसे उग के उनकर सपना भोर में कहेला
प्रेम के सागर में डुबला के बादे सुन्दर शाम मिली
एक दूजे के पा जइला के पागल पन से ना पइ बा
कहियो खुद के छोड़ के दे खs तोहरे दिल में राम मिली
दिन भर आपन के बोझ उठाई रात में रोई अपने पर
जे-जे आपन प्यार न पाई उनका के ई काम मिली
ऊहो वक्त रहे जब क्लास में बइठ के सोचीं घsरे आज
खीर में गोला किशमिश काजू अउर तनी बादाम मिली
मेहनत से जे काम करेला उनकर कमवा बोले ला
बाकी जे नाकाम बा तोहके उनकर जिभिया लाम मिली
सूर कबीर भिखारी ग़ालिब ईहे लिखले बा सsभे।
दर्द ग़ज़ल में जेतना लिख ब ओतने ही आराम मिली
राजीव कुमार
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