कभी मुझसे मेरी बन कर मिलोगी
मेरी जां खुद ब खुद सब कुछ कहोगी
बहुत कुछ कहना सुनना चाहता था
मगर डरता था क्या तुम सुन सकोगी
न रोको खुद को आने से वगरना
मुझे ख्वाबो में तुम ही तुम दिखोगी
अधूरी तुम अधूरा मैं हूं लेकिन ।
जियुंगा जब तलक तुम भी जियोगी ।
मेरी दीवानगी को याद रखना ।
मेरे जैसी ही इक दिन तुम बनोगी।
राजीव कुमार
मेरी जां खुद ब खुद सब कुछ कहोगी
बहुत कुछ कहना सुनना चाहता था
मगर डरता था क्या तुम सुन सकोगी
न रोको खुद को आने से वगरना
मुझे ख्वाबो में तुम ही तुम दिखोगी
अधूरी तुम अधूरा मैं हूं लेकिन ।
जियुंगा जब तलक तुम भी जियोगी ।
मेरी दीवानगी को याद रखना ।
मेरे जैसी ही इक दिन तुम बनोगी।
राजीव कुमार
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