कहीं गाधी नहीं मिलते कहीं गौतम नहीं मिलते ।
कहीं अब मुल्क में क्युं अम्न के परचम नहीं मिलते
कहीं अब मुल्क में क्युं अम्न के परचम नहीं मिलते
अभी इतना ही सोचा था कि इक किस्सा लगा कहने।
सुदामा कृष्ण के जैसे मुझे हमदम नहीं मिलते
सुदामा कृष्ण के जैसे मुझे हमदम नहीं मिलते
सियासत की हवा जबसे फजाओं में घुली तब से
दिवाली ईद होली के हसीं मौसम नहीं मिलते
दिवाली ईद होली के हसीं मौसम नहीं मिलते
अना के साथ हैं जो छोङं कर ईमान और गैरत
वो हमसे मिलना चाहे तो भी उनसे हम नहीं मिलते।
वो हमसे मिलना चाहे तो भी उनसे हम नहीं मिलते।
राजीव कुमार
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