Friday, August 14, 2015

कूछ यूं हुए थे कल शेर हजल गजल रिमिक्स

कूछ यूं हुए थे कल शेर हजल गजल रिमिक्स wink emoticon wink emoticon
नहीं करना मुहब्बत क्या करोगे।
हमारे साथ क्या झगङा करोगे
मैं जब भी सच के हक में बोलता हुं
मुझे लगता है तुम हमला करोगे
हमें तुम भूल भी जाओ तो जांना।
हमें ही ख्वाब में देखा करोगे।
बहुत देखे हैं हमने इम्तिहां भी।
कहो कैसे हमें रुस्वा करोगे
जो मेरे कद का आधा भी नहीं है।
उसे क्या खींच कर लम्बा करोगे।
😜
हमारी भैस भी अब पूछती है
मुझे काले से कब गोरा करोगे ।
😜🐮🐮🐮🐮🐮🐮
हमें भटका दिया तो जान लो ये
हमारे साथ तुम भटका करोगे
😀
मियां उल्फत में धोखा खा के देखो।
गजल में फिर नहीं अटका करोगे
😀
मेरे जैसा अगर शायर बने तो
तुम अपने आप को गंजा करोगे।
राजीव कुमार

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