महफिल के हवाले
फकत दौलत से दुनियां में गुजारा हो नहीं सकता
खुदा तेरे सिवा कोई सहारा हो नहीं सकता
खुदा तेरे सिवा कोई सहारा हो नहीं सकता
यकीनन एक दिन मिट्टी में हम मिल जायेंगे लेकिन ।
हमारे बाद कोई भी तुम्हारा हो नहीं सकता
हमारे बाद कोई भी तुम्हारा हो नहीं सकता
वफा ईमान गैरत दीन दुनियां और मेरा दिल ।
समंदर इनसे ज्यादा और खारा हो नहीं सकता ।
समंदर इनसे ज्यादा और खारा हो नहीं सकता ।
बुलंदी तुझको तकती है तू उसको तकता है लेकिन।
फकत तकते ही रहने से खसारा हो नहीं सकता
फकत तकते ही रहने से खसारा हो नहीं सकता
अरे क्यूं वक्त जाया कर रही है जिन्दगी मुझ पर।
कोई मर कर कभी जिन्दा दुबारा हो नहीं सकता
कोई मर कर कभी जिन्दा दुबारा हो नहीं सकता
राजीव कुमार
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