Saturday, December 14, 2013

मेरे जवाब पर नया सवाल कैसे हो गया ,

मेरे  जवाब  पर  नया  सवाल  कैसे  हो  गया ,
जो बात हक़ की कर दी तो बवाल कैसे हो गया ?

मेरी  शिकायते  कहाँ  थी  आप  से  मेरे  हुज़ूर ,
मुझे  बताइये  मेरा  ये  हाल  कैसे  हो  गया ?

जो मेरे हिस्से का था वो  मुझी से लूट कर ,जनाब /
मुझे  ही दे दिया तो ये मिसाल कैसे हो गया ?

खुद अपने लफ्ज में ही अपनी पीठ थप थपा गए ,
बिना  सुने  किसी  की  ये  कमाल कैसे हो गया ?

सभी  रियासतों  के  सरपरस्त  आप  ही  रहे ,
बताइये न जीना फिर मुहाल  कैसे हो गया ?

अगर हो आप वो ही जैसा  कह  दिया था आप ने ,
तो  जातियों  के नाम पर उबाल  कैसे हो  गया ?

असल में आप भी शिकार हैं सियासतों के  वरना ,
गर्व  करते  करते  ये  मलाल  कैसे  हो  गया ?

ये  जिक्र ये  अहम् फिजूल लग रहा है आप का ,
हमे  नहीं  है  फ़िक्र  ये  ख्याल  कैसे हो गया ?

रहेगा  इंतज़ार  मुझको  आप  के  जवाब  का ,
सवाल दर  जवाब  पर  सवाल  कैसे  हो  गया ?

राजीव कुमार 

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