हज़ल हास्य रस 😊😊🙏🙏
महब्बत क्रीमनलाईज कर रहे हैं
डकैती मोर्डनाईज कर रहे हैं
था कल तक जुर्म लेकिन आज से हम
कीमशन लीगलाईज कर रहे हैं
बचाने वाले ही अब रेप करना
मुसलसल नोर्मलाईज कर रहे हैं
खबर के नाम पर ये न्युज चैनल
किसी की एडवटाईज कर रहे हैं
सफाई हाथ की जो कर चुके वो
सभी को सेनीटाईज कर रहे हैं।
ये चंदा मांगने वाले अभी भी
हमें डीमोनीटाईज कर रहे है
हमारी ग्रोथ है गढ्ढे में लेकिन
हमारे सेठ राईज कर रहे हैं
बस इक खेती किसानी थी हमारी
उसे भी प्राइवेटाईज कर रहे हैं
मुतास्सिर होके उससे हम भी अपना
एडेण्डा फाईनलाईज कर रहे हैं
बदन तो ठीक है पर अक्ल का हम
दिनों दिन हाफ साईज कर रहे है
राजीव कुमार
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