Monday, April 11, 2022

खुश्बू का लुत्फ लीजीये मौसम के साथ साथ

खुश्बू का लुत्फ लीजीये मौसम के साथ साथ

गांधी को बात  कीजीये  गौतम के साथ साथ


अपने   हको   हकूक  को  पाना  है तो हूजूर 

आवाज  भी  उठाईये  परचम  के साथ साथ


सारे  गुलाम   बन  गये   इक्का  तो   देखना 

रोयेगा  बादशाह  भी  बेगम  के  साथ साथ


दिलवर की याद आये तो गजलो को गाईये 

जख्मों के नाम लीजीये मरहम के साथ साथ


अब तक की जिन्दगी का यही फलस्फा है के

लूडो का खेल खेलिये कैरम के साथ साथ


असलम के साथ दोस्ती राजीव की ए दोस्त

दिखती है जैसे रौशनी शबनम के साथ साथ


राजीव कुमार

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