है मुझे तेरी जरूरत तेरी हसरत के सिवा।
कुछ नहीं है मेरे अन्दर तेरी चाहत के सिवा।
मैं बदल भी जाउं तो ये दिल बदलता ही नहीं।
ये बेचारा कुछ नहीं है तेरी सूरत के सिवा।
तेरी नजरो का ये उठना उठ के गिर जाना यूंही।
कुछ नहीं ये और करते है सियासत के सिवा।
ये लबों रुखसार ये तेरी अदाये क्या कहूँ।
मै करुं तो क्या करुं इनसे मोहब्बत के सिवा।
है बङी दुश्वारीयां इस इश्क के अहसास में।
हर सुखन होता है इसमें एक फुर्सत के सिवा।
अब लतीफों की जुबां में आशिकी मजनू की है
सोचता हूँ ये मुहब्बत क्या है जिल्लत के सिवा।
मौत को आना है वो आये भला मै क्यूं डरुं।
यू जूदा होंगे नहीं हम भी कयामत के सिवा।
राजीव कुमार
कुछ नहीं है मेरे अन्दर तेरी चाहत के सिवा।
मैं बदल भी जाउं तो ये दिल बदलता ही नहीं।
ये बेचारा कुछ नहीं है तेरी सूरत के सिवा।
तेरी नजरो का ये उठना उठ के गिर जाना यूंही।
कुछ नहीं ये और करते है सियासत के सिवा।
ये लबों रुखसार ये तेरी अदाये क्या कहूँ।
मै करुं तो क्या करुं इनसे मोहब्बत के सिवा।
है बङी दुश्वारीयां इस इश्क के अहसास में।
हर सुखन होता है इसमें एक फुर्सत के सिवा।
अब लतीफों की जुबां में आशिकी मजनू की है
सोचता हूँ ये मुहब्बत क्या है जिल्लत के सिवा।
मौत को आना है वो आये भला मै क्यूं डरुं।
यू जूदा होंगे नहीं हम भी कयामत के सिवा।
राजीव कुमार
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