गजल --- 1
कौन दुनिया में भला किसका खुदा हो जायेगा।
सच कहुं तो एक दिन ये फैसला हो जायेगा।
जानिबे मंजिल अकेले भी अगर चलता रहा।
देखना तू ही किसी दिन काफिला हो जायेगा।
गम है क्या जो पुरखतर है जिन्दगी का रास्ता।
है जवां गर हौसला तो रास्ता हो जायेगा।
गर सियासत मुफलिसों की रोटीयों पर युं हुई।
जुर्म करने का यहां पर कायदा हो जायेगा ।
जिस तरह से मजहबी ये आधियां है चल रही।
दोस्तों इक दिन भयानक जलजला हो जायेगा।
राजीव कुमार
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