ग़ज़ल
आप जैसे ज़हीन से पहले
आदमी था मशीन से पहले
हमको लङना है तीन से पहले
ज़ात मज़हब से दीन से पहले
आप के फ़ैसलों ने तोङे है
दिल हमारे यक़ीन से पहले
सब क़बीले ख़ुशी से रहते थे
आपसे हमसे दीन से पहले
हमको दो गज ज़मीन देनी थी
पांच एकड़ ज़मीन से पहले
कितना वीरान था हमारा दिल
आप जैसे मकीन से पहले
कितने आये चले गये कितने
तेरे जैसे हसीन से पहले
राजीव कुमार
फोटो - भवाली में बाब नीम करौरी
का कैची धाम जिनके भक्त एप्पल कम्पनी
के स्टीव जोबस थे और फेसबुक के
मार्कजुकरबर्ग भी हैं।
आप जैसे ज़हीन से पहले
आदमी था मशीन से पहले
हमको लङना है तीन से पहले
ज़ात मज़हब से दीन से पहले
आप के फ़ैसलों ने तोङे है
दिल हमारे यक़ीन से पहले
सब क़बीले ख़ुशी से रहते थे
आपसे हमसे दीन से पहले
हमको दो गज ज़मीन देनी थी
पांच एकड़ ज़मीन से पहले
कितना वीरान था हमारा दिल
आप जैसे मकीन से पहले
कितने आये चले गये कितने
तेरे जैसे हसीन से पहले
राजीव कुमार
फोटो - भवाली में बाब नीम करौरी
का कैची धाम जिनके भक्त एप्पल कम्पनी
के स्टीव जोबस थे और फेसबुक के
मार्कजुकरबर्ग भी हैं।
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