Thursday, April 11, 2019

हक़ की बात करो तुम भी हक़दार बनो। हिन्दू मुस्लिम के मुद्दों की हार बनो।

ग़ज़ल

हक़ की बात करो तुम भी हक़दार बनो।
हिन्दू  मुस्लिम  के  मुद्दों  की  हार  बनो।

थोङा  नरम  बनो  थोङा   खुद्दार   बनो।
सोच  समझ  कर  यारों दुनियादार बनो।

नफ़रत  खून  ख़राबा  दंगा  आग  जनी।
आप  सियासत का  मत कारोबार बनो।

सहज सहल बनकर तो जीवन है मुश्किल।
जीने  की  ख़ातिर  कुछ तो  दुश्वार  बनो।

झूठ  ही लिखना  पढ़ना है  गर रोज तुम्हें।
क्युं  बनते हो  शायर  तुम  अख़बार बनो।

बन   जाते  हो  ढाल  अमीरों  के  अक्सर।
आप  गरीबों  का भी  तो  हथियार  बनो।

ख़्वाब  देखते  हो  क्युं  अफ़सर  बनने का।
जाओ   जा   के  पहले  चौकीदार  बनो।

राजीव कुमार

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