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सीने पे जख्म आंख में दरिया दिखाई दे ।
ग़ज़ल सीने पे जख्म आंख में दरिया दिखाई दे । आशिक वही जो दर्द में डूबा दिखाई दे जिसको यकीं नहीं है महब्बत में उसे भी मोहन के साथ ख़्वा...
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ग़ज़ल जबसे दिल में उतर गयी गंगा मैल सब मन के हर गयी गंगा घर से निकला तो मां की आंखों में मैने देखा बिखर गयी गंगा। सिर्फ पानी नहीं य...
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कोई वादा अपना आप निभाओ तो। कब आयेगा काळा धन बतलाओ तो बन जाना भगवान किसानों के चाचा। दाम फसल का ढेङ गुना दिलवाओ तो। ना खाउंगा और ना ही...
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भोजपुरी ग़ज़ल सीधा रास्ता छोड़ के टेड़े राह चलेलन राजीव जी प्रेम करेलन दर्द सहेलन मस्त रहेलन राजीव जी जेब त खाली बाटे बाकिर अपने दि...

जोर जुल्म बेनियाजी हर बला आबाद है।
ReplyDeleteयूं समझिये शह्र का रहबर कोई सय्याद है।
हर बुलंदी बक्स देता है ख़ुदा उस शख़्स को।
जो अना की क़ैद से पूरी तरह आज़ाद है।
इक मुसलसल इम्तिंहा है ज़िन्दगी का सिलसिला।
फलस्फा ए ज़िन्दगी तो ज़िन्दगी के बाद है।
गर्दिश ए उल्फत है मेरा लुत्फ़ ए रगबत दोस्तों।
कौन कहता है कि राजू इश्क में बर्बाद है
राजीव कुमार