Monday, June 8, 2015

जोर जुल्मत बेनियाज़ी हर बला आबाद है


1 comment:

  1. जोर जुल्म बेनियाजी हर बला आबाद है।
    यूं समझिये शह्र का रहबर कोई सय्याद है।

    हर बुलंदी बक्स देता है ख़ुदा उस शख़्स को।
    जो अना की क़ैद से पूरी तरह आज़ाद है।

    इक मुसलसल इम्तिंहा है ज़िन्दगी का सिलसिला।
    फलस्फा ए ज़िन्दगी तो ज़िन्दगी के बाद है।

    गर्दिश ए उल्फत है मेरा लुत्फ़ ए रगबत दोस्तों।
    कौन कहता है कि राजू इश्क में बर्बाद है

    राजीव कुमार

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