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सीने पे जख्म आंख में दरिया दिखाई दे ।
ग़ज़ल सीने पे जख्म आंख में दरिया दिखाई दे । आशिक वही जो दर्द में डूबा दिखाई दे जिसको यकीं नहीं है महब्बत में उसे भी मोहन के साथ ख़्वा...
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भोजपुरी ग़ज़ल सीधा रास्ता छोड़ के टेड़े राह चलेलन राजीव जी प्रेम करेलन दर्द सहेलन मस्त रहेलन राजीव जी जेब त खाली बाटे बाकिर अपने दि...
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जो है हमारा लेंगे हम, दमन नहीं सहेंगे हम मुकद्दरोँ से रहमतों को,अब नहीं है मांगना, असल हुकूक क्या है अब,वही है हमको जानना/ हमे हुकूक ...
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आज का हासिल @Harish Darvesh Ji जी को समिक्षार्थ प्रेषित हर एक दर्द मिटा दे हो इक ख़ुशी ऐसी। ख़ुदा करे कि मिले सबको बेहतरी ऐसी। वो खा...

जोर जुल्म बेनियाजी हर बला आबाद है।
ReplyDeleteयूं समझिये शह्र का रहबर कोई सय्याद है।
हर बुलंदी बक्स देता है ख़ुदा उस शख़्स को।
जो अना की क़ैद से पूरी तरह आज़ाद है।
इक मुसलसल इम्तिंहा है ज़िन्दगी का सिलसिला।
फलस्फा ए ज़िन्दगी तो ज़िन्दगी के बाद है।
गर्दिश ए उल्फत है मेरा लुत्फ़ ए रगबत दोस्तों।
कौन कहता है कि राजू इश्क में बर्बाद है
राजीव कुमार