Monday, June 8, 2015

इतनी दौलत किसान रखता है।

ग़ज़ल 
🙏🙏🙏🙏🙏🙏
कुछ नहीं बस ईमान रखता है।
इतनी दौलत किसान रखता है।

देश की आन बान रखता है
साथ गीता कुरान रखता है

आग पानी हवा सियासत उफ्फ।
कितनी आफत में जान रखता है।

रूह घायल कहीं न दिख जाये।
सो बदन पर निशान रखता है।

छत नहीं है तो गम नहीं उसको।
सर पे वो आसमान रखता है।

हक की बातें करे तो कहते हो
कितनी लम्बी जबान रखता है।

वक्त से पहले हो गया बूङा।
और  बेटी जवान रखता है।

घर आयेंगी एक दिन ख़ुशियाँ
बस यही इत्मीनान रखता है।

जेब खाली तो है मगर राजीव
दिल में दोनो जहान रखता है।

राजीव कुमार

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