Monday, August 19, 2013

ये गाँधी वाद ऐसा है , ये गाँधी वाद वैसा है /

जिनका नहीं अपना वाद कोई ,
जो नाही हैं अपवाद कोई ,

ये हमको बताते रहते हैं ,
हस हस कर हम से कहते हैं/

ये गाँधी वाद ऐसा है ,
ये गाँधी वाद वैसा है /

विधुत विश्लेषण करते हैं,
मुद्रा संसलेषण करते हैं /

मेरे देश के बाबा ऐसे हैं,
नित्य नए अन्वेशण करते हैं,


सिक्षा का उनके क्या कहना,
अनपढ़ तुम मेरे चेले रहना/


पथ परदर्शक हैं ये अगुआ हैं
बस ट्रेड मार्क ये भगवा है


भक्ति का भाव निराला है
इस दाल में कुछ तो कला है,


चलो इनका भी कुछ करते हैं
छाती पर उनके चड़ते हैं/


जो हमको बताते रहते हैं,
खुद भ्रष्ट हैं जो ये कहते है/


ये गाँधी वाद ऐसा है ,
ये गाँधी वाद वैसा है/

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