जिस्म से जान लूट लेगा क्या ।
सारा सामान लूट लेगा क्या ।
सारा सामान लूट लेगा क्या ।
तू नशा करके अपने बच्चों की ।
यार मुस्कान लूट लेगा क्या ।
यार मुस्कान लूट लेगा क्या ।
ये जमीं आसमां हवा पानी।
सबको इन्सान लूट लेगा क्या।
सबको इन्सान लूट लेगा क्या।
मौत के बाद घर फरिश्तों के।
कोई सुल्तान लूट लेगा क्या ।
कोई सुल्तान लूट लेगा क्या ।
करके मिट्टी से तू अलग मुझको।
मेरी पहचान लूट लेगा क्या ।
मेरी पहचान लूट लेगा क्या ।
पहले जापान लूट आया था ।
अबके तेहरान लूट लेगा क्या।
अबके तेहरान लूट लेगा क्या।
राजीव कुमार
No comments:
Post a Comment