मुश्किल से मुश्किल देखा है
रस्ता और मंजिल देखा है
रस्ता और मंजिल देखा है
पत्थर की दुनिया में हमने
शीशे जैसा दिल देखा है
शीशे जैसा दिल देखा है
राजीव
ग़ज़ल सीने पे जख्म आंख में दरिया दिखाई दे । आशिक वही जो दर्द में डूबा दिखाई दे जिसको यकीं नहीं है महब्बत में उसे भी मोहन के साथ ख़्वा...
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