Saturday, January 17, 2015

साथ जब तक रहेगी मेरी जिन्दगी।

साथ जब तक रहेगी मेरी जिन्दगी।
तू रहेगी मेरी हर घङी जिन्दगी।

तू नहीं थी तो कुछ भी नहीं था यहां।
थी हर इक शै में कोई कमी जिन्दगी

मेरी किस्मत भी तू मेरी चाहत भी तू।
मेरे ख्वाबों की तू है परी जिन्दगी ।

तेरा रिश्ता है मुझसे पूराना सनम ।
दिल है सागर मेरा तू नदी जिन्दगी

उङती हैं तितलियां जो लबों पर तेरे।
तेरी मुस्कान खिलती कली जिन्दगी ।

मुझपे इतनी इनायत तो कर दे खुदा ।
यार दे दे या दे फिर नयी जिन्दगी ।

मैं तङपता रहूं तू तङपती रहे ।
किस लिये इतनी ये बेबसी जिन्दगी ।

दिल में तन्हाईयों के अंधेरे न कर ।
है मुहब्बत की तू रौशनी जिन्दगी।

मेरा कुछ भी नहीं ये गजल है तेरी
तू ही गम हे तूही हे खुशी जिन्दगी।

राजीव कुमार

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