Saturday, January 17, 2015

बहुत लोगों से यारी हो गयी है।

पेश हे आभार स्वरूप एक ताजा गजल बिल्कुल अभी कही आप सभी मित्रों के नाम
दोस्तों आज मेरे जन्म दिवस पर आप सबके बधाई स्वरूप प्रेम मिला इस के लिये आप सभी का तहे दिल से शुक्रिया

बहुत लोगों से यारी हो गयी है।
के दुनिया अब हमारी हो गयी है।

दुआ इतनी मिली कि सोचता हुं ।
मेरे दिल पर उधारी हो गयी है।

कहां इसकी दवा मिलती है यारों।
मुहब्बत की बिमारी हो गयी है।

सियासी बात वो अच्छे दिनो की ।
बङी ही बे मिय्यारी हो गयी है।

तेरी वो दुश्मनी जो थी मुझी से।
मेरे आगे बेचारी हो गयी है।

वो बचपन जिन्दगी का था सुनहरा
मगर अब जंग जारी हो गयी है।

गजल में जिक्र यारी का किया है।
गजल यारों तुम्हारी हो गयी है।

राजीव कुमार

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