ज्ञान आपन बड़ावल भी हsटे बिहान
दिल से नफरत मिटावल भी हsटे बिहान
फूल के मुस्कूरावल भी हsटे बिहान
रंग आपन देखावल भी हsटे बिहान
सिर्फ सूरज के उगला से ना होला हो
एगो दियरी जरावल भी हsटे बिहान
गांव से दूर होखला प मालुम परल
खेत में कुछ उगावल भी हsटे बिहान
प्रेम जहवां बा उंहवा ए संसार में
एक दुजे के पावल भी हsटे बिहान
झूठ के सगरो जंजाल के तूर के
सच के चीरई उड़ावल भी हsटे बिहान
खाली पुजला से नाहीं अनहरिया मिटी
लईकियन के पढ़ावाल भी हsटे बिहान
अन्धविश्वास जाति धरम के जहर
सबके मन से मिटावल भी हsटे बिहान
एगो सूरज डूबा के उगावला खातिर
छठ के दउरा उठावल भी हsटे बिहान
का महेन्दर मिसिर का भिखारी बबा
गीत ए लो के गावल भी हsटे बिहान
राजीव कुमार
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