सामईन (श्रोतागण) कृपया ध्यान दें
क्या मंच से बोला है सुना करिये सामईन
कवियों पे नज़र आप रखा करिये सामईन
ये चाहते हैं भूख कजा मुफ्लिसी को भूल।
जय जय किसी की आप सदा करिये सामईन
जो शेर कह रहे है वो सब जुल्म से डर के
आखिर कहां छुपे है पता करिये सामईन
कुछ भी सुना के चल दें तो मत दाद दीजीए
उंगली उठा के इन पे हंसा करिये सामईन
अपने ही दिल की लिख रहे हैं पढ़ रहे हैं सब
ऐसे में आप अपनी कहा करिये सामईन
लोगो का जो नहीं है वो गीतों के हैं कहां
ये भी सवाल दिल में रखा करिये सामईन
जिनको न कोई शर्म है न फिक्र आप की
उन साहिबे अदब से बचा करिये सामईन
जो हक में आप ही के नहीं उनपे आप भी
गर हो सके तो सख्त रहा करिये सामईन
राजीव कुमार
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