केहू पूछे कि बिहान का होला त इ दे देब 😊
*बिहान*
ज्ञान आपन बड़वला से होला बिहान
दिल से नफरत मिटवला से होला बिहान
फूल के मुस्कूरवला से होला बिहान
रंग आपन देखवला से होला बिहान
खाली सूरज के उगला से ना होला हो
एगो दियरी जरवला से होला बिहान
गांव से दूर होखला प मालुम परल
खेत में कुछ उगवला से होला बिहान
प्रेम जहवां बा उंहवा ए संसार में
एक दुजे के पवला से होला बिहान
झूठ के सगरो जंजाल के तूर के
सच के चीरई उड़़वला से होला बिहान
खाली पुजला से नाहीं अनहरिया मिटी
लईकियन के पढवाला से होला बिहान
अन्धविश्वास जाति धरम के जहर
सबके मन से मिटवला से होला बिहान
एगो सूरज डूबा के उगावला खातिर
छठ के दउरा उठवला से होला बिहान
का महेन्दर मिसिर का भिखारी बबा
गीत ए लो के गवला से होला बिहान
राजीव कुमार
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