Friday, December 23, 2022

गांव के खुश्बू भूल के गर्दा शहर के फांके आइल बा

भोजपुरी ग़ज़ल 

गांव के खुश्बू भूल के गर्दा शहर के फांके आइल बा 
असली दौलत छोड़ के नकली माल कमाये आइल बा

माई के हाथ के लिट्टी चोखा सत्तू ठेकुआ छोड़ के अब
केतना लोग शहर में छुछे रोटी खाये आइल बा

खेत बगईचा इनरा पोखर महुआ गूलर सरसों धान
जब्बो आंख मुदाइल आंख में सपना इहे आइल बा।

पहिला प्यार भइल जेकरा से अब्बो गांव में बीया ऊ
लोग दवाई छोड़ के शहर  दर्द बढ़ावे आइल बा

चांद सितारा जुगनू बारिस सगरो पिंक लिफाफा में 
रख के भेजs ले बीया बुचिया डाकीया लेके आइल बा

याद त होखबे कsरी तहके सावन के पहिला बरसात। 
माई कहे दे खs धरती पर बादर घुम्मे आइल बा

मंज़िल सामने बाटे तब्बो बइठ के सोचत बानी हम 
हमरे जइसे आखिर केतना लोग इहां ले आइल बा

गांव से शsहर जाये वाली ट्रेन प चढ़ते लागेला 
आत्मा पीछे छूट गइल बा देह अकेले आइल बा

राजीव कुमार

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